Optimal Health को 2023 में Analyze करना बहुत जरूरी है
OPTIMAL HEALTH का मतलब हिंदी में सर्वोत्तम स्वास्थ्य या अति उत्कृष्ट स्वास्थ्य होता है और OPTIMAL HEALTH को हम पा सकते हैं। अगर आप शारीरिक रूप से, लैङ्गिक या योन रूप से, मानसिक रूप से, भावनात्मक रूप से और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ हो तभी हम OPTIMAL HEALTH की श्रेणी में आते हैं। क्या हम स्वस्थ ,मस्त और प्रसन्नचित रहते हैं ? क्योंकि स्वस्थ या हैल्थी का मतलब है कि रोगों से लड़ने की क्षमता स्ट्रांग होनी चाहिए ,एनर्जी लेवल हाई हो, कोलेस्ट्रॉल लेवल जरुरत से ज्यादा न हो , बी.पी. नार्मल हो, बजन भी लंबाई के अनुसार ही हो । लेकिन आज के समय में दिन प्रतिदिन हेल्थ चैलेंज इतने ज्यादा बढ़ते जा रहे हैं ।
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ToggleOPTIMAL HEALTH के लिये अतिरिक्त पोषक तत्वों को समझना क्यों जरूरी है

हर व्यक्ति स्वस्थ रहना चाहता है लेकिन हम जब बीमार होते हैं और डा. से दबा लेकर अपने आपको ठीक महसूस करते हैं फिर कुछ दिन बाद वही स्थित और बिगड़ने लगती है फिर डा. भी अपने को बचाने लगते हैं क्योंकि डा. भी पोषक तत्वों की जानकारी की न देकर दवा में दिलचस्पी दिखाता हैं। जबकि हम जीवनशैली में परिवर्तन करके बीमारियों से बचाव कर सकते हैं आज मोटापा (ओबेसिटी), ब्लड शुगर, स्टैमिना की कमी, थायराइड की समस्या, घुटनों में दर्द , दिल का दौरा, कैंसर और उदर या पेट की समस्याएं जैसे कि एसिडिटी, गैस आदि दिन प्रतिदिन बढ़ती जा रही हैं। इन बीमारियों के लिए क्या सरकार, फार्मा इंडस्ट्री, हॉस्पिटल जिम्मेदारी है? इसके लिए हम खुद जिम्मेदार हैं
OPTIMAL HEALTH के लिये Pollution की अधिकता Free Radicals के मुख्य कारण हैं।
हमारा शरीर बहुत सारी क्षयकारी बीमारियों से लड़ने की क्षमता रखता है। फाइब्रोमाइलिजया के रोगी भी अपनी स्वस्थ जिंदगी को तरफ लौट सकते हैं। क्योंकि पोषक तत्व Optimal Health के दायरे में रखने की बेहतरीन और उत्तम मार्ग है। पोषक तत्वों की जानकारी के लिए डा. बनना जरूरी नहीं है आप खुद अपनी हेल्थ को strong करने के लिए पोषक तत्वों की जानकारी हासिल करके स्वस्थ मस्त और प्रसन्न रह सकते हैं। मैं खुद थकान ,सर्दी जुकाम, थायराइड शुगर, उच्च रक्तचाप से ग्रस्त रहता था लेकिन जब पोषक तत्वों की जानकारी मिली और उनको लेना शुरू किया, दिनचर्या में बदलाव किया, खाने पीने में बदलाव लाया तो मुझे लगा की लोगों को Optimal Health क्या है इसकी जानकारी दी जाय।
Sciencetist लोगों ने भी शोध करके ये साबित कर दिया है कि गंभीर क्षयकारी बीमारियों की मुख्य जड़ फ्री रेडिकल्स या oxydetive तनाव से कोशिकाएं क्षतिग्रस्त होती हैं। फ्री रेडिकल्स के कारण ही आर्थराइटिस, स्किन रोग मैकुलर डिजनरेशन ,शुगर, पार्किंसंस जैसी बीमारियां बढ़ रहीं हैं और इन बीमारियों को अतिरिक्त पोषक तत्वों की पूर्ति करके इन बिमारियों से बचाव किया जा सकता है। ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से भी फाइब्रोमायल्जिया हो सकता है इसलिए Optimal Health की जानकारी विस्तार से जानना आवश्यक है।
आज औसत उम्र 70 वर्ष है लेकिन 30 वर्ष हम वर्टिकल और horizontal जीवन जी रहे हैं क्योंकि किसी को शुगर, रक्तचाप, मोतियाबिंद, अल्ज़ाइमर्स, आर्थराइटिस, स्किन रोग,मैकुलर डिजनरेशन , पार्किंसंस, कैंसर, ह्रदयाघात जैसी बीमारियों बढ़ रहीं हैं आज भारत देश 30 सालों में सातवें स्थान पर पहुंच चुका है और अभी भी लोग डा. की दवाइयों पर ही जीवन जीना चाह रहे हैं कुछ लोग Optimal Health को समझ रहे हैं और इसे अपने ऊपर लागू भी कर रहे हैं। ज्यादातर डा. बीमारियों के इलाज में ज्यादा दिलचस्पी दिखाते हैं जबकि उन्हें चाहिए कि मरीजों को स्वास्थ्यवर्धक जीवन शैली की शिक्षा देकर उन्हें रोगों से बचाया जा सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली के लिए चार स्तंभों पर काम करने की जरूरत है। अंग्रेजी के शब्द EARN से हम Optimal Health को समझ सकते हैं E का मतलब एक्सरसाइज कम से कम ३० मिनट , A से Attitude (Positive), R से Rest कम से कम ६ से ७ घंटे ये सब काम मेरे बस में हैं जब कि चौथा पिलर N का मतलब Nutrition जिसकी जानकारी बहुत ही जरूरी है क्योंकि पोषक तत्वों की कमी ही सारी बीमारियों की जड़ है इस पर फोकस करना आवश्यक हो गया है। ये चारो पिलर ही मेरी OPTIMAL HEALTH को मजबूती प्रदान करते हैं, और फ्री रेडिकल्स या ऑक्सिडेटिव स्ट्रेस को रोकने में सहायक हैं। इन सभी समस्याओं के कारण OPTIMAL HEALTH खराब हो रही है।
हम सब जानते भी हैं कि जैसे कि वायु और जल का प्रदूषित होना, लाइफस्टाइल में भारी बदलाव, फास्ट और जंक फ़ूड, नशे की बुरी आदतें, भरपूर्ण नींद न लेना, समय से भोजन न करना, और जो खा भी रहे हैं वो सब केमिकल और पेस्टीसाइड मिला हुआ ही मिल रहा है, मोबाइल और इंटरनेट का फ़ालतू प्रयोग साथ ही प्रेम भाव की कमी , स्वार्थ की अधिकता, जीवन बेबी, बीबी और टीवी तक सीमित हो गया । इन सभी की वजह से OPTIMAL HEALTH खराब हो रही है। इसके अलावा सबसे बड़ा कारण है कि फ़सल की पैदावार बढ़ाने के लिये केमिकल और पेस्टीसाइड का उपयोग अधिक मात्रा में किया जा रहा है और बीज भी जो बोया जा रहा वो भी Hybrid ही है जिससे कि हमारा इम्यून सिस्टम बहुत ही कमजोर हो रहा है।
फ्री रेडिकल के कारण हमारी कोशिकाएं नष्ट हो रही हैं। जैसे की लोहे को खुले वातावरण में छोड़ दिया जाय तो उसमें जंग लग जाती है,और धीरे धीरे लोहा मिटटी में मिल जाता है ठीक उसी प्रकार से हमारा इम्यून सिस्टम अगर स्ट्रांग नहीं रहेगा या रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत नहीं होगी तो फ्री रेडिकल्स कभी भी किसी भी समस्या या बीमारी को बढ़ावा दे सकते हैं। अत: Optimal Health की जानकारी डा. और हॉस्पिटल से मिलनी जरूरी है लेकिन ये सब बीमारी को और ज्यादा बढ़ा कर खुद भी इन सब बीमारियों से परेशान रहते हैं।
अतिरिक्त पोषक तत्वों को पहली पसंद बनाना जरूरी है चाहे वो स्वस्थ हो या बीमार हो और दवाइयों को अंतिम सहारा लेना चाहिए मैं अतिरिक्त पोषक तत्वों के प्रति पूर्ण रूप से सहमत हूँ क्योंकि मैंने इन्हें भोजन समझ कर ले रहा हूँ और पूरी तरह से एनर्जेटिक रहता हूँ ऑक्सीजन की कमी को पूरा करना भी मेरे ही हाथों में है अगर दिन में सांसों पर ध्यान दिया जाय और उस पर काम किया जाय तो मेरे फेफड़े में जाने वाली हवा से हम शक्तिशाली महसूस करते हैं।
Optimal Health के लिए Nutrients को जानिये ये दो प्रकार के होते हैं। Micro Nutrients अधिक मात्रा में जरूरत पड़ती है जैसे फाइबर प्रोटीन व कार्बोहायड्रे। माइक्रो न्यूट्रिएंट्स हमें ऊर्जा प्रदान करते हैं और Macro Nutrients में विटामिन मिनरल्स ,एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन बी कॉम्प्लेक्स विटामिन सी विटामिन डी आते हैं जिनकी कम मात्रा में जरूरत होती है, लेकिन बहुत ही आवश्यक होते है । पराबैंगनी किरणों से बचाव करना भी जरूरी है जिससे स्किन रोगों से दूर रहा जाये। इसलिए हमें Optimal Health या अति उत्कृष्ट स्वास्थ्य के बारे में जानकारी की अत्यंत आवश्यकता है। Optimal Health को पाने के लिए निम्न बातों पर ध्यान देना जरूरी है।
(1) टेस्टी फ़ूड Chioce से हेल्थी फ़ूड Choice
(2) Dehydration To Hydration निर्जलीकरण से जलयोजन
(3) मूड टू मूवमेंट
(4) Sleep To Sound Sleep
(5) लाइफ Stress से लाइफ mindfulness
(6) फ़ूड गैप की पोषक तत्वों से भरपाई
OPTIMAL HEALTH के लिये टेस्टी फ़ूड Chioce से हेल्थी फ़ूड Choice:-

हमें बाज़ार की चीजें जैसे जंक फ़ूड , डीप फ्राई, packaged food फैटी आयल, मैदा और चीनी का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए ये सब फ्री रेडिकल्स को बढ़ाते हैं, जिससे हम Guts की समस्या , शुगर, उच्च या निम्न रक्त चाप की बीमारी से ३० से ४० साल की जीवन यात्रा को वर्टीकल Span या Horizontal Span में व्यतीत करते हैं और डा. की दवा के सहारे जीवन जीते हैं और घर के मेंबर भी स्ट्रेस की जिंदगी जीने के लिए मजबूर हो जाते हैं। पौष्टिक आहार का सेवन ज्यादा करें। कई रंगो की सब्जी, दाल की मात्रा का सेवन बढ़ाना, सलाद का प्रयोग, सीजनल और रीजनल फ्रूट्स जरूर शामिल करें। जिससे Optimal Health की श्रेणी में खुद को रखा जाय।
OPTIMAL HEALTH के लिये Dehydration से Hydration (निर्जलीकरण से जलयोजन) :-

प्रदूषित जल की अधिकता का कारण जमीन में रासायनिक खादों का उपयोग पर्यावरण को दूषित करना , नदियों में गंदगी को फैलाना जिससे पीने वाला जल भी सही नहीं मिल रहा है R O का use जिससे मिनरल की कमी हो रही है। पानी कम मात्रा में पीना पीना जिससे guts की समस्या या पाचन शक्ति कमजोर हो जाती है अत: ३ से ५ लीटर पानी रोज पीकर हम गैस , एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से निजात मिल सके या उदर सम्बन्धी को बीमारियों से बचाव कर सकते हैं। सुबह Lukewarm Water का उपयोग और आंखों को ठंडे पानी से धुलना। इससे फायदा ये होगा कि हम Optimal Health की श्रेणी में रह सकते हैं।
OPTIMAL HEALTH के लिये Move To Movement :-

मूव टू मूवमेंट का मतलब है कि हमें शरीर को चुस्त दुरुस्त रखने के लिए कम से कम १० हज़ार कदम रोज चलना चाहिए कुछ Exercise और योगा करने से हमारी मांसपेशियां मजबूत रहती हैं फैट Reduce तो होता ही है साथ में Viscral Fat और Muscle Mass का अनुपात ठीक रहता है। पाचन तंत्र मजबूत होता है। इसके अलावा साइकिलिंग स्विमिंग कूदना दौड़ना नाचना जुम्बा आदि फिट रहने के लिए जरूरी है Optimal Health ठीक रहने से डा. का खर्च और घर में सुख शांति रहती है।
OPTIMAL HEALTH के लिये Sleep To Sound Sleep :-

Sleep To Sound Sleep का मतलब है कि कम से कम ६ से ७ घंटे बिना किसी चिंता के सोना खर्राटे न आये तो समझिये कि हम स्वस्थ और Lifespan मेरा ठीक है अच्छी नींद के लिये ऊपर के सभी काम करना जरूरी है। बिस्तर साफ़ सुथरा और गद्दे ज्यादा पुराने नहीं होने चाहिए गद्दों को धुप दिखाते रहना चाहिए ज्यादा ऊँची तकिया का उपयोग नहीं करना स्वास्थय के लिए अच्छा है सोने से आधा घंटे पहले अपने सबसे बेस्ट फ्रेंड यानी कि मोबाइल से दूरी बना लें और सकारात्मक सोच की किताब जरूर पढ़ें। जिससे कि Optimal Health में सुधार हो सके।
OPTIMAL HEALTH के लिये Life Stress To Life mindfulness:-

Life Stress To Life mindfulness से मतलब है कि हमें सकारात्मक सोच के साथ दिनचर्या शुरू करना चाहिए। मेडिटेशन में १० से १५ मिनट दें सकारात्मक सोच की किताबें और सकारात्मक लोगों की संगत में रहना क्योंकि नकारात्मक चीजें मेरे स्वास्थ्य पर फ्री रेडिकल्स को पनपने में सहायक हैं। जो Optimal Health को ख़राब करते हैं।
OPTIMAL HEALTH के लिये Food Gap To Food Bridging :-
खाने में जो कमी है जिससे हमारे शरीर में फ्री रेडिकल्स या ऑक्सीडेटिव Stress की मात्रा बढ़ रही है उसे हम विटामिन और मिनरल, में मल्टी विटामिन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन , Vitamin B ,Vitamin C, Vitamin D कैल्सियम मैग्निशियम आयरन फॉस्फोरस कॉपर और प्रोटीन फाइबर Good Fat की अतिरिक्त मात्रा लेकर पूर्ति करना जरूरी है क्योंकि जो हम खा रहे उससे फ़ूड गैप धीरे धीरे बढ़ता जाता है इसलिये कुछ न कुछ suppliments अपनी रोज की खुराक में शामिल करें, नहीं तो अंत में हम Optimal Health पाने के लिए डा. के सहारे हो जाते हैं। और अंत में जितना बचाया उसे हॉस्पिटल में देने के लिए मजबूर हो जाते हैं इसलिए फ़ूड गैप की भरपाई करना जरूरी है।
Conclusion (निष्कर्ष):-
Optimal Health की जानकारी सभी को मिलनी जरूरी हो गया है। क्योंकि Optimal Health हम पा सकते हैं। ये मेरे ऊपर निर्भर है कि इसके लिए क्या क्या जरूरी है और उसके लिए उन सभी बिंदुओं पर काम मुझे ही करना पड़ेगा इसकेलिए न तो Government जिम्मेदार है न ही Hospital और फार्मा इंडस्ट्री और न तो LIC या अन्य कोई मेरे स्वस्थ जीवन पाने के लिए काम करती है। अत: मुझे पौष्टिक आहार की जानकारी हो जैसे कि हम जो खा रहे हैं उसमें क्या जरूरी फाइबर , Multivitamin में Vitamin B, Vitamin C , Vitamin D की मात्रा भरपूर हो ,और Minerals में आयरन, कैल्शियम ,मैग्नीशियम ,मैंगनीज हों प्रोटीन की मात्रा वजन के अनुसार हो (एक ग्राम प्रति किलोग्राम वजन ) उदाहरण के तौर पर यदि किसी का वजन 70 Kg है तो 70 ग्राम प्रोटीन जरूरी है। Exercise में मॉर्निंग वॉकिंग, साइकिलिंग, योगा ,नाचना ,जुम्बा कुछ न कुछ जरूर शामिल होना चाहिए और पूरे दिन में कम से कम 10 हज़ार कदम तो होना ही चाहिए। पानी की मात्रा कम से कम 3 से 5 लीटर पीना ही चाहिए। खाने में कम से कम चार से पांच रंगों का शामिल होना नितांत आवश्यक है सीजनल और रीजनल फल जरूर शामिल करना चाहिए सलाद में कुछ न कुछ जरूर हो। नींद ६ से ७ घंटे लेना आवश्यक है। सकारात्मक सोच की किताबें और सकारात्मक लोगों की संगत में रहना चाहिए जिससे जो हार्मोन हमारी Optimal Health को मजबूती प्रदान करें। अगर इन सभी स्टेप्स पर ध्यान दिया जाए तो हमें डॉक्टर के पास जाने की नौबत काम आएगी और घर में सभी स्वस्थ मस्त और प्रसन्नचित रह सकते हैं क्योंकि मेरा असली घर मेरी स्वस्थ शरीर ही है। आपने सुना भी होगा कि पहला सुख निरोगी काया , दूसरी सुख घर में हो माया और भी लोग कहते हैं कि काया ही माया है। जब शरीर में ऊर्जा जीरो या सांसें चलना बंद हो तो लोग कहने लगते हैं कि जल्दी घर से निकालो नहीं बदबू आने लगेगी और क्या क्या कहते हैं रूपये इतना छोड़कर गया लेकिन अपने शरीर की चिंता बिलकुल नहीं की। ७० साल में ३० साल तो चलते फिरते बीमार रहना या बिस्तर पर रहकर घर के सदस्यों को भी स्ट्रेस में रखना कितना उचित है इसके लिए हमें Optimal Health की जानकारी और स्वस्थ लोगों की संगत और सकारात्मक सोच की किताबें पढ़ना। इसके पहले मुझे शुगर, उच्च रक्तचाप, थायराइड और लिपिड प्रोफाइल की समस्याएं थी डॉक्टर की दवा के भरोसे रहना जीवन बिता रहा था लेकिन कोरोना में मेरी आँखे खुल गयीं और मैंने अपने शरीर को Optimal Health के दायरे में लाना उचित समझा और अपनी केयर खुद करना शुरू कर दिया और आज मैं स्वस्थ मस्त और प्रसन्नचित रहता हूँ।