Digital Marketing is Best Marketing Strategy in 2020

Digital marketing is Best Marketing Strategy in 2020

Digital marketing is Best Marketing Strategy in 2020 क्योंकि लोग घर पर रह कर ही सामान खरीदना और डिजिटल उपकरणों का उपयोग करना चाहते हैं। Learning के साथ Earning का रास्ता निकालना, योगा, मेडिटेशन सीखना और सिखाना कर सकते हैं। किसी व्यवसाय में मार्केटिंग सबसे बुनियादी चीजों में से एक है अगर डिजिटल लाइफ स्टाइल जीना चाहते हैं। तो इसकी जानकारी होना बहुत ही जरूरी है मार्केटिंग दो प्रकार से की जा रही है। पहली परंपरागत और दूसरी आधुनिक प्रकार की। डिजिटल उपकरणों का उपयोग करके आमदनी का रास्ता बनाना Digital marketing है। Digital marketing का उपयोग लोग अभी पूरी तरह से जान नहीं पाए है। ट्रेडिशनल मार्केटिंग पुरानी प्रथा है इस प्रथा पर लोगों का भरोसा ज्यादा है क्योंकि यहाँ चुनाव करना और खरीदते समय मोलभाव करते हैं। रोज कमाने और खाने वालों के लिए पुरानी प्रथा ठीक है। दोनों के अपने अलग अलग  तरीके, फायदे और नुकसान हैं।    

डिजिटल युग डिजिटल युग बीसवीं शताब्दी में शुरू हुआ एक ऐतिहासिक युग है या कह सकते हैं कि कलयुग का दूसरा नाम है। कल का मतलब है मशीन। और मशीनों को इंटरनेट से जोड़ देना और डिजिटल उपकरणों की Help से सब कुछ घर पर रहकर काम करना Digital Age कह सकते हैं। इसलिए Digital marketing सीखना और इनकम के नए नए तरीके खोजना जो कि आज बहुत ही जरूरी हो गया है।

आज के समय में सब लोग घर बैठे ही सब कुछ पाना चाहते हैं। कोरोना के समय सब कुछ डिजिटल हो जाने से लोगों का घर से निकलना बंद हो गया था लेकिन फायदा उन्हीं लोगो को था जिन्होंने अपना डिजिटल सिस्टम तैयार कर लिया था लेकिन नुकसान ये था कि रोज कमाने और खाने वालों का रोजगार समाप्त हो गया था। पूरा संसार परेशान था स्थिति बहुत ज्यादा गंभीर हो गयी थी। लेकिन इस कठिन परिस्थिति में सकारात्मक सोच वालों ने अपना एक सिस्टम तैयार कर लिया जिस वजह से आज Digital marketing को सीखना और उस पर काम करना जरूरी हो गया है। अब ऐसा लोग कहने लगे हैं कि कलयुग के बाद digital युग आ रहा है सब कुछ रोबोट से हो रहा है गूगल बाबा पर नए नए सॉफ्टवेयर बनते जा रहे हैं।   

२१वीं शताब्दी में Digital  Age डिजिटल युग में Zoom एप्लीकेशन का महत्व बहुत अधिक है क्योंकि ये सीखने और सिखाने का एक बहुत बढ़िया हथियार है इसे जानना बहुत जरूरी है ज़ूम क्लाउड मीटिंग द्वारा ग्रुप चैटिंग Conferencing एवं लाइव क्लासेस मोबाइल और कंप्यूटर दोनों द्वारा कर सकते हैं। डिजिटल युग में Digital marketing के लिए Website, Search Engine Optimisation, Search Engine Marketing, Social Media Optimisation, Social Media Marketing, Direct Marketing क्या है? इसकी जानकारी पाकर अपना एक Digital Ecosytem तैयार करना बहुत जरूरी है इसके बिना आप डिजिटल दुनिया में अधूरे हो। सीखने के लिए कोई उम्र का बंधन नहीं है आजकल बच्चों से लेकर बूढ़े सभी मोबाइल में व्यस्त रहते हैं। इसलिए Digital marketing को गहराई से सोचने और समझने की आवश्यकता है। 

डिजिटल मार्केटिंग क्या है ?  

Digital Marketing

किसी भी प्रोडक्ट को ऑनलाइन सोशल मीडिया प्लेटफार्म जैसे फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब पर जानकारी लेकर खरीदना या बेचना Digital marketing कहते है। Digital marketing के लिए डिजिटल उपकरणों या नेटवर्क की जरूरत होती है। जिसमें कम मेहनत, समय और पैसा जरूरत होती है। कम रिस्क और अनुभव के साथ स्मार्ट वर्क है। डिजिटल मार्केटिंग में अपने आप को अपडेट करने की जरूरत है। प्रचार के लिये डिजिटल मीडिया या इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों जैसे सोशल मीडिया, सर्च इंजन मार्केटिंग और सोशल मीडिया मार्केटिंग आदि से उत्पादों और सेवाओं का प्रचार होता है। डिजिटल मार्केटिंग पैसिव इनकम और सिस्टम बनाने पर आधारित है। Digital marketing ईमेल, मोबाइल, सोशल मीडिया Optimisation, सोशल इंजन Optimisation के माध्यम से कर सकते हैं। 

डिजिटल मार्केटिंग के नुकसान क्या है?

Digital marketing Best Marketing Strategy 2020 में हो चुकी है।ऑनलाइन फ्रॉड होने के कारण सुरक्षा की समस्या , प्रोडक्ट्स की Quality पर संदेह और नेटवर्क डाटा की समस्या होने से सब काम ठप हो जाते हैं। डाटा चोरी होने का खतरा और डिजिटल उपकरण खराब होने से समस्या का समाधान करना मुश्किल हो जाता है और ये समस्या आम बात है कहने का तात्पर्य यह है कि अपने आप को सतर्क रहना और जानकारी को अपडेट करना बहुत जरूरी है। दिन भर मोबाइल और लैपटॉप पर लगे रहना Optimal Health के लिए बहुत ही हानिकारक है। अगर डिजिटल युग में फायदे हैं तो नुकसान भी बहुत हैं जैसे डाटा का चोरी हो जाना इंटरनेट में गड़बड़ी हो जाने से सभी काम बंद हो जाते है इलेक्ट्रिक सप्लाई बंद होने से भी इंटरनेट या ऑनलाइन काम नहीं कर सकते हैं सब कुछ डेटाबेस जानकारी गूगल पर उपलब्ध रहती है।

Traditional Marketing

ट्रेडिशनल  मार्केटिंग क्या है ?

ट्रेडिशनल मार्केटिंग पुरानी प्रथा है पुराने लोगों का भरोसा ज्यादा है क्योंकि यहाँ चुनाव करके और खरीदते समय मोलभाव करते हैं। रोज कमाने और खाने वालों के लिए पुरानी प्रथा ठीक है। ट्रेडिशनल मार्केटिंग के फायदे और नुकसान को जानिए। इस बिजनेस में ज्यादा पढ़ाई और अनुभव की आवश्यकता नहीं है। इसमें सामान सीधा कंपनी से न मिलकर कई बिचौलिए के माध्यम से मिलता है जिससे प्रोडक्ट्स की कीमत बढ़ जाती है। शारीरिक मेहनत, समय और पैसा की जरूरत है।  इस व्यापार में दुकान का  शटर खोलने से ही पैसा आता है। प्रचार के लिये बहुत धन की आवश्यकता होती है जैसे पोस्टर, बैनर और, घर घर जाना आदि। यह पद्धति  Active Income की श्रेणी में है।   

ट्रेडिशनल  मार्केटिंग के नुकसान क्या है ?

पुरानी पद्धति महंगी होने के साथ साथ समय की बर्बादी ज्यादा होती है। जब बुढ़ापे में कहीं जाना मुश्किल होता है उस समय जरूरत की चीजों के लिए इच्छाओं का दमन करना पड़ता है। इसलिए स्वास्थ्य के ऊपर समय और पैसे का इन्वेस्टमेंट करना जरूरी है। किसी भी काम के लिए लाइन लगाना पड़ता है जिससे समय का दुरूपयोग ज्यादा होता है। बिजनेस का सीमित दायरा होने के कारण लोग एक दूसरे से मनमुटाव रखते हैं।  

Digital Marketing  vs Traditional Marketing 

Digital Marketing को फोकस होकर सीखे। क्योंकि डिजिटल मार्केटिंग को जितना समझोगे उतनी अहमियत बढ़ेगी उतनी अच्छी lifestyle को समझ सकोगे क्योंकि lifespan ३० वर्ष तो बढ़ गयी  है लेकिन वो तीस साल Vertical Span और Horizontal Span में व्यतीत हो रहे हैं। डिजिटल Tools और Technology को समझने के लिए डिजिटल मार्केटिंग सीखना ही पड़ेगा क्योंकि कम समय में ज्यादा काम और ज्यादा पैसे कैसे कमायें ये डिजिटल मार्केटिंग सीखकर ही संभव है आजकल ट्रेन टिकट एयर टिकट गैस बुकिंग मनी transaction किसी भी प्रकार का लेन देन ऑनलाइन हो चुका है

घर से कोई बाहर निकलना ही नहीं चाहता है कुछ दिनों में भारत में भी ड्राइवर के बिना गाड़ियों की संख्या बढ़ जायेंगी जो डिजिटल काम जानता होगा वो अच्छी तरह से अपना जीवन यापन कर पायेगा इसलिए डिजिटल युग में अपने आपको माहिर बनाना जरूरी है लोग डिजिटली इनकम के source खोज रहे है और स्मार्ट तरीके से इंटरनेट का उपयोग करके मोबाइल और लैप टॉप की दुनियां में प्रवेश कर रहे हैं। Education हो या official Work शॉपिंग हो या बातचीत का माध्यम सब ऑनलाइन हो चूका है। इसलिए  जल्दी से इस टेक्नोलॉजी के टूल्स समझ कर अपनी इनकम के स्रोत बनाना जरूरी हो गया है। 

Traditional Marketing में सामान खरीदने के लिए लोगों को दुकान पर जाना पड़ता है जबकि Digital Marketing में घर बैठे बैठे सब चीजें उपलब्ध हो जाती हैं। ट्रेडिशनल मार्केटिंग महंगा पड़ता है क्योंकि इसमें विज्ञापन में ज्यादा खर्चा आता है और एक ही जगह को टारगेट कर पाते है  जबकि  डिजिटल मार्केटिंग में दुनिया के किसी भी जगह को टारगेट कर सकते हैं। कम पैसे और कम अनुभव से एक सिस्टम तैयार हो जाने के कारण पैसिव इनकम का एक श्रोत तैयार हो जाता है।

ट्रेडिशनल मार्केटिंग में  रिस्क तो रहता ही है साथ ही खुद को हेल्दी भी नहीं रख सकते है जबकि डिजिटल मार्केटिंग में रिस्क न के बराबर है और खुद healthy भी रख सकते हैं। डिजिटल मार्केटिंग के जरिये कुछ भी लोगों तक पहुंचा सकते हैं चाहे वो किसी भी प्रकार का   बिजनेस हो। ट्रेडिशनल मार्केटिंग में लोग एक दूसरे से ईर्ष्या रखते हैं जबकि डिजिटल मार्केटिंग में लोग एक दूसरे को सहयोग करते हैं। नए लोग डिजिटल मार्केटिंग को सही मानते हैं और नक़ल कर करके सीख जाते हैं और कुछ लोग ट्रेडिशनल मार्केटिंग यानी  पुरानी प्रथा पर ही काम करना ठीक समझते हैं । 

ट्रेडिशनल मार्केटिंग में शारीरिक मेहनत / क्षमता की जरूरत ज्यादा है जब कि डिजिटल मार्केटिंग घर पर रह कर ऑनलाइन  और ऑफलाइन सीख कर लोगों को सिखा सकते हैं। बचे हुए समय को  अपनी Optimal Health पाने के लिए उसे कर सकते हैं सब mindset पर निर्भर है। अच्छी Lifestyle जीने के तौर तरीके घर पर रहकर सीख सकते हैं दोनों की सोच और तरीके अलग हैं पुरानी पद्धति रहन सहन के हिसाब से ठीक है लेकिन दुनिया के हिसाब से से बदलाव भी जरूरी है।

मेरा मानना है कि डिजिटल दुनियां में डिजिटल बनिए और डिजिटल आजादी स्कूल से डिजिटल मार्केटिंग सीखिए संदीप भंसाली सर से क्योंकि उनका सिखाने का तौर तरीका बहुत ही जबरदस्त है। सत्य, प्रेम, सेवा, शक्ति, भक्ति, युक्ति, तन, मन और  धन  के सिद्धांतों को समझना पड़ेगा और इन सिद्धांतों पर काम करके कोई भी डिजिटल मार्केटिंग सीख सकता है चाहे वो बच्चा हो, जवान हो, वरिष्ठ नागरिक हो, महिला हो या पुरुष हो सब सीख सकते हैं और अपने जीवन में नया बदलाव लाकर स्वस्थ मस्त और प्रसन्नचित रहकर लोगों के लिए एक नयी ऊर्जा विसर्जित कर सकते हैं। 

कहने का मतलब है कि अगर आप Digital Strong हैं तो आप फिजिकली और Mentally और सर्वगुण संपन्न कहे जाएंगे वरना दुनिया में बहुत पीछे रह जाओगे। अब तो लोग पुरानी पद्धति को डिजिटल सीखा रहे है पहले तो लोग टी. वी को मनोरंजन का साधन समझते थे अब मोबाइल साधन समझ रहे है जबकि बहुत सारे लोग मनोरंजन के साथ कमाई का जरिया भी बना रहे हैं इसलिए नयी पीढ़ी दुकान पर कम घर पर सब सामान रोज मंगाते हैं और अच्छा नहीं लगता तो वापस। कुछ लोग इसी में समय बिता रहे हैं और कुछ लोग इसका सही उपयोग करके कमाई का साधन भी बना रहे हैं।

दोनों मार्केटिंग के अपने अपने फायदे और नुकसान हैं लेकिन समय के साथ चलना है तो Mindset बदलना  पड़ेगा और अपने आप को डिजिटल स्थापित करना मजबूरी हो गया है। इस बिजनेस में लोग एक दूसरे को सिखा कर कमाई के रास्ते बनाते हैं जिससे सत्य, प्रेम और सेवा की भावना  जागृत होती है Lifespan को Digital Lifestyle के माध्यम से digitally सीख सकते हैं। अब आप डिजिटल मार्केटिंग सीखते हुए कमाई का एक बहुत बढ़िया साधन बना सकते हैं अपने व्यक्तिगत शौक के डिजिटल उपकरण जैसे स्मार्ट मोबाइल,कैमरा, लैपटॉप,माइक  खरीदकर ऑनलाइन कुछ भी कर सकते हैं। 

चलते फिरते अपने बिजनेस को ऑनलाइन ले जा सकते हैं जबकि ट्रेडिशनल मार्केटिंग दुकान खरीदकर बैठना पड़ता है और निगरानी भी करनी पड़ती है। पहले बैंक हो या रेलवे हो सब जगह लाइन लगानी पड़ती थी अब ऑनलाइन होने से कहीं भी लाइन लगाकर खड़े रहने की जरूरत नहीं है जिससे समय की बहुत बचत होती है इस समय को सही जगह उपयोग करके काम के घंटे बढ़ा सकते हैं। ट्रेडिशनल मार्केटिंग की अपेक्षा डिजिटल मार्केटिंग ज्यादा बेहतर होता जा रहा है और लोग डिजिटल मार्केटिंग की तरफ ज्यादा ध्यान दे रहे हैं।

हालांकि डिजिटल मार्केटिंग में लोगों को चूना लग जाना आम बात है फिर भी डिजिटल युग में लोग डिजिटल के शौकीन होते जा रहे हैं। दोनों मार्केटिंग के तरीके चलते रहेंगे और दोनों को समझना और जरूरत के हिसाब से उपयोग कीजिए। रूरल एरिया में ट्रेडिशनल मार्केटिंग का ही महत्व है शहरी इलाकों में दोनों ही महत्व रखते हैं। स्वास्थ्य, समय और धन को ध्यान में रखते हुए हर काम को करना बेहतर है। 

अब लोग घर से ही योगा, प्राणायाम सिखाने का काम कर रहे लोगों के जिम भी जल्दी बंद हो जाएंगे क्योंकि सब कुछ घर पर रह कर ज़ूम के द्वारा सीख रहे हैं और अपनी Optimal Health को सुधार रहे हैं। Digital मार्केटिंग एक बहुत बड़ा विषय है इसके बारे में जितनी ही जानकारी हो उतना ही अच्छा है। डिजिटल लाइफस्टाइल को बेहतर समझने के कारण नयी पीढ़ी इसी तरफ भाग रही है और Quality और निर्माण तिथि पर ध्यान कम डिस्काउंट कूपन के ऊपर और सस्ता सामान खोजने पर ज्यादा ही व्यस्त रहती है। सभी बेचने और खरीदने वाले आजकल प्रमोशन देकर लुभा रहे हैं जिससे लोग ऑनलाइन को ज्यादा महत्व दे रहे हैं।             

निष्कर्ष :-

अब जीवन जीने की शैली डिजिटल हो गयी है अपने आप को स्वस्थ रखने के लिये अपना डिजिटल Ecosystem तैयार कीजिये।   लोग कहते हैं समय नहीं है पैसा नहीं है बहाना ही बहाना उनके पास होते हैं।  जबकि बहुत सारे लोग घर में आटा हो या न हो लेकिन दिनभर मोबाइल का डाटा और समय  फालतू में खर्च करते हैं। कहने का तात्पर्य है कि समय के अभाव का बहाना देकर वो अपने आप को धोखा दे रहे हैं।  और जीवन जीने की कला ही नहीं जान पा रहे हैं कमाने के चक्कर में अपनी हेल्थ भी अच्छी नहीं रख पाते हैं जबकि डिजिटल मार्केटिंग में जीवन जीने की कला क्या है? लोग इसकी एजुकेशन के लिए तैयार नहीं है जबकि डिजिटल मार्केटिंग Digital Azadi से सीख कर हम अपने बिजनेस को कई गुना बढ़ा सकते हैं। Digital रह कर Optimal Health की जानकारी पाकर अपने को स्वस्थ रख सकते हैं कहने का मतलब सब कुछ घर पर रहकर सीखने को मिल जाता है जिससे समय की बचत करके अपनी Health को सुधार सकते हैं। डिजिटल युग में Direct मार्केटिंग के जरिये अपने आप को स्थापित करना बहुत ही जरूरी हो गया है इसलिए लोग Digital Marketing की तरफ ज्यादा आकर्षित हो रहे हैं।

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